वॉटरफॉल से गिरता आग का झरना, साल में एक बार देखने को मिलता है ये नजारा

प्रकृति की खूबसूरती अपनेआप में देखते ही बनती है इसके अंदर कितने राज छुपे हैं ये कोई नहीं जान सकता है लेकिन समय समय पर ये अपना रुप दिखा कर सभी को चौंका कर रख देती है। खास करके जब दुनिया में कुछ बुरा हो रहा हो तो हमें प्रकृति की इस खूबसूरती को याद करना चाहिए।

योसमाइट नेशनल पार्क में ऐसा ही कुछ प्रकृति का रहस्यमयी नजारा देखने को मिलता है। सूर्यास्त का परफेक्ट समय जब सूरज की किरणें नेशनल पार्क स्थित वॉटरफॉल से गिर रहे पानी के झरने पर पड़ती है तो ये नजारा देखते ही बनता है। यहां से गिरता पानी ऐसा लगता है जैसे ये कोई दहकता लावा हो।

दरअसल में यहां न कोई ज्वालामुखी है और न ही किसी भी प्रकार का कोई लावा गिरता है। ये एक रेग्युलर वॉटरफॉल ही है जो वर्टिकल रुप में है। ईआई कैप्टन नाम के चट्टान से ये फॉल गिरती है।

इस फॉल से पानी एक खास एरिया से ही गिरता है वो भी खास समय में ठंड के मौसम में और बसंत रितु के शुरुआत में। इसलिए इस खास समय में वॉटरफॉल को देखना अपने आप में बेहद स्पेशल है। इसके बावजूद साल में बस एक बार ये समय होता है जब ये काफी खूबसूरत और जादुई लगता है इस समय को पकड़ पाना काफी मुश्किल होता है। अगर आप योसमाइट नेशनल वॉटरफॉल जाने को हैं तो आपको इस फायरफॉल को जरुर देखना चाहिए। फायरफॉल एक काफी रोचक नाम है ये नाम इसलिये पड़ा क्योंकि जब सूर्यास्त के समय किरणें इस पर पड़ती हैं तो सुनहरे, ऑरंज और लाल रंग के मिक्सचर में जो कलर बनता है वो एक दहकते आग के लावे की तरह लगता है जो काफी खबूसूरत लगता है। साथ ही जब किरणें, गिरते हुए झरने पर पड़ती है तो इससे एक डरावना दृश्य बन जाता है इसलिए इसे फायरफॉल का नाम दे दिया गया। ये कुछ परफेक्ट सिचुएशंस जैसे फरवरी के कुछ सप्ताह में ही ये दृश्य बनता है।

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